बकाया रकम, ब्याज दर और बचे हुए साल डालें। फिर हर महीने की अतिरिक्त रकम जोड़ें और देखें कि लोन कितने साल पहले ख़त्म होगा और कितना ब्याज आपकी जेब में रहेगा।
आप जो भी अतिरिक्त रकम चुकाते हैं, वह सीधे बकाया मूलधन घटाती है। चूँकि ब्याज बकाया पर लगता है, हर अतिरिक्त भुगतान आगे के हर महीने का ब्याज भी घटा देता है — इसीलिए शुरुआत में थोड़ा ज़्यादा चुकाने से इतनी बड़ी बचत होती है।
इस महीने का ब्याज = बकाया × ब्याज दर ÷ 12
कैलकुलेटर पहले बकाया, दर और बचे सालों से आपकी सामान्य EMI निकालता है, फिर अतिरिक्त रकम जोड़कर लोन को महीने-दर-महीने तब तक चलाता है जब तक बकाया शून्य न हो जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
होम लोन जल्दी चुकाना बेहतर है या निवेश करना?
लोन जल्दी चुकाने पर आपको अपनी ब्याज दर के बराबर पक्का रिटर्न मिलता है। अगर टैक्स के बाद निवेश से भरोसेमंद तरीक़े से ज़्यादा कमा सकते हैं और आपके पास इमरजेंसी फ़ंड है, तो निवेश आगे निकल सकता है। बहुत से लोग दोनों थोड़ा-थोड़ा करते हैं।
क्या बैंक प्रीपेमेंट पर चार्ज लेता है?
कुछ लोन, ख़ासकर फ़िक्स्ड रेट वाले, पर प्रीपेमेंट की सीमा या पेनल्टी हो सकती है। भारत में फ़्लोटिंग रेट होम लोन पर व्यक्तिगत उधारकर्ताओं से आम तौर पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लिया जाता। अतिरिक्त भुगतान से पहले अपना लोन एग्रीमेंट देख लें।